Sawan Ke Mahine Mein Kay Karna Chahie | Sawan ke mahine mein kay khayea kay nahi

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Sawan Ke Mahine Mein Kay Karna Chahie | Sawan ke mahine mein kay khayea kay nahi आज के इस लेख में हम जानेंगे सावन के महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। उपवास रखने से शरीर में क्या लाभ मिलते हैं। इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण होते हैं?इन सभी बातों के बारे में आज की इस लेख में हम बात करने वाले हैं। हिंदू धर्म में सावन मास को काफी महत्व दिया गया है। ऐसे में कुछ लोग सोमवार का व्रत करते हैं और कुछ लोग पूरा महीना उपवास करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि उपवास के पीछे धार्मिक ही नहीं बल्कि कुछ वैज्ञानिक कारण भी होते हैं ! जो कि आपकी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं।  उपवास करने से शरीर में क्या लाभ मिलते हैं?What are the benefits of fasting in the body?  उपवास रखना धार्मिक ही नहीं बल्कि शरीर के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। उपवास करने से हमारा डाइजेशन सिस्टम को आराम मिलता है। जिस कारण हमारी पाचन शक्ति मजबूत होती है, खाना ठीक से बचने में मदद मिलती है। उपवास करने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है। और हमारा इम्यून पावर स्ट्रांग होता ह...

गर्दन की दबी नस का कारण और उपाय। Care for nack pain

गर्दन की दबी नस का कारण और उपाय। Care for nack pain

    गर्दन में होने वाले दर्द को आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं लेकिन कई बार या दर्द बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।गर्दन के आसपास की हड्डियों और मांसपेशियों द्वारा किसी भी तंत्रिका पर अत्यधिक दबाव डाले जाने के कारण नस दब जाती है।गर्दन की नस का दबना एक असहज स्थिति होती है और इस दबाव के कारण तंत्रिका के कार्य में बाधा पड़ जाती है जिसे दर्द और सुन्नतता की तकलीफ होने लगती है। 


गर्दन में नस दबने का कारण।

                 कई बार हमारी दिनचर्या भी गर्दन के दर्द का कारण बन जाती है।काफी पुरानी चोट भी इसकी वजह हो सकती है।इसके अलावा गलत तरीके से उठना, बैठना, लेटना या फिर बहुत मोटी तकिए का इस्तेमाल करना इस दर्द का कारण हो सकता है। 
इसके अलावा कई घंटों तक एक ही पोजीशन में टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल ,पर काम करने से भी गर्दन का दर्द हो सकता है।
शायद आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ज्यादा तनाव की वजह से भी गर्दन में दर्द उठ जाता है।इसके सिवा मोच या भारी सामान उठाना मांसपेशियों में खिंचाव होने की वजह से गर्दन में दर्द हो सकता है।

बर्फ से सिकाई करना।

गर्दन की नस दबने पर पहले 1 या 2 दिन जहां पर आप को दर्द हो रहा है। वहां पर बर्फ की थैली से सिकाई करें। कुछ दिनों तक भारी सामान भारी चीजों को उठाना खेलकूद और अन्य गतिविधियां जो बीमारी को बढ़ा सकती है उन्हें बंद करें।

अगर हो सके तो रोजाना हल्का गर्दन का व्यायाम करें जैसे अपनी गर्दन को ऊपर से नीचे और दोनों साइड की तरह से धीरे-धीरे स्ट्रेट करना। अक्सर अपनी पोजीशन को बदलते रहना चाहिए।एक ही पोजीशन में अधिक देर तक बैठना या सोना नहीं चाहिए हो सके तो गर्दन पर हल्की मालिश करें।

Note-

सोने के लिए गर्दन पर  विशेष तकिए का इस्तेमाल करना चाहिए।अपने चिकित्सक की मंजूरी के बिना किसी भी उपकरण का उपयोग नहीं करना चाहिए।

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This blog post is created on the basis of my knowledge gained from books and internet and should be treated as such.Please do not treat it as a medical advice.Consult your health care provider first before making any healthcare decisions #Jyotinaturecare
please note : इस blog में दिए गए विचार लेखक के हैं।jyoti nature care हिन्दी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है और न ही इसकी सत्यता और प्रमाणिकता का दावा करता है।कोई भी उपाय करने से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लें।


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